न्यूज प्रिन्ट शक्तिफार्म। नगर पंचायत शक्तिगढ में विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों के बाद एसडीएम रविंद्र कुमार जुवांठा ने तहसीलदार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। शुक्रवार को समिति नगर पंचायत कार्यालय पहुंची और संबंधित अभिलेख कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।वार्ड दो निवासी रमेश रॉय और वार्ड एक के अभिषेक सिंह ने 4 दिसंबर को एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बोर्ड गठन के बाद किए गए भुगतानों, विकास कार्यों में अनियमितताओं और वर्क ऑर्डर की जांच की मांग की थी।
गठित समिति में तहसीलदार सितारगंज को अध्यक्ष, उपकोषाधिकारी, और लोनिवि से संबद्ध अवर अभियंता (नगर पंचायत नानकमत्ता) को सदस्य बनाया गया है।अभिषेक सिंह ने फॉगिंग मशीन के नाम पर फर्जी बिल बनाकर अधिक भुगतान, प्रवेश द्वार पर लगाए गए फ्लेक्स की मद में 25 लाख रुपये के भुगतान में हेराफेरी, कूड़ा निस्तारण हेतु डस्टबिन खरीद में अनियमितता और वर्क ऑर्डर में मनमानी का आरोप लगाया है।
वहीं रमेश रॉय ने बोर्ड गठन के बाद हुए भुगतान, सरकारी धन के दुरुपयोग और कीटनाशक दवाओं की खरीद में धांधली की शिकायत दर्ज कराई है।
एसडीएम ने समिति को 7 दिनों के भीतर संयुक्त जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार खटीमा विजेंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि सितारगंज तहसीलदार के अवकाश पर होने के कारण समिति ने दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल ने सभी आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि रमेश रॉय लगातार अनुचित दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। सभी कार्य नियमों के अनुसार किए गए हैं। जल्द ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
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नगर पंचायत में गड़बड़ियों की शिकायत पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित


