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Sunday, January 25, 2026

हल्द्वानी में पूर्व अद्र्धसैनिक सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, सैनिकों और परिजनों को किया सम्मानित, रक्षा और देवभूमि की सुरक्षा पर दिया जोर…

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न्यूज प्रिन्ट, हल्द्वानी। काठगोदाम में आयोजित पूर्व अद्र्ध सैनिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पूर्व अद्र्ध सैनिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सेना और अद्र्ध सैनिकों के कल्याण, उनके अधिकारों और सरकार की नीतियों पर चर्चा करना था। इस अवसर पर अद्र्ध सैनिकों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार को उनके सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति समर्पित प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश की रक्षा करने वाले और राष्ट्र की हर पुकार पर प्राणों की बाजी लगाने वाले योद्धाओं को सलाम। उन्होंने आगे कहा कश्मीर से कन्याकुमारी तक आपने भारत का गौरव बढ़ाया है। जवान की जवानी के बदले में उसका मूल्य चुकाना असंभव है। मेरे पिता सेना से रिटायर होने के बाद भी हर समय देश और समाज के लिए काम करते रहे। इसी तरह हमारा दायित्व है कि हम जवानों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाएं।


सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आए काम करने के संस्कृति परिवर्तन का भी उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक नीतियां और चुनाव परिणाम अब जनता की वास्तविक अपेक्षाओं के अनुसार बनते हैं। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग अब झूठे नारे और प्रचार में प्रभावित नहीं होते, यही वजह है कि डबल इंजन सरकारें लगातार राज्यों में सत्ता में आ रही हैं। रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि आज छोटे-मोटे रक्षा उपकरणों के लिए हम दूसरे देशों पर निर्भर नहीं हैं। मोदी के नेतृत्व में भारत अब दुनिया को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करवा रहा है। उत्तराखंड में राज्य उत्पादों का निर्यात 30 हजार करोड़ से बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है। मुख्यमंत्री ने देवभूमि और पहाड़ों की सुरक्षा पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा आज पहाड़ों में जिहाद पसंद लोग घुस रहे हैं और डेमोग्राफी बदलने की साजिश रच रहे हैं। मेरा और हमारी सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को किसी भी हाल में बिगाडऩे नहीं देंगे। जहां भी खाली जमीन देखी गई, वहां अवैध कब्जा किया गया, लेकिन अब तक दस हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन इनसे मुक्त कराई जा चुकी है। लव जिहाद, थूक जिहाद को भी रोका जा रहा है और नीली, हरी, पीली चादर वाली 500 से ज्यादा अवैध मजारें हटा दी गई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड की सच्चाई और पारदर्शिता की वजह से अन्य राज्यों के लोग भी इस प्रदेश को साफ-सुथरा और सही मानते हैं। यह सम्मान और भरोसा हमारी सरकार की नीतियों का परिणाम है। इससे पूर्व समारोह में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष सैनिक कल्याण से सम्बंधित कई मांगे भी रखी। इस अवसर पर महापौर गजराज बिष्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष एसएस कोटियाल, एलएम वर्मा, एमएस नेगी, भानु प्रताप, दीपा दर्मवाल, विधायक राम सिंह कैड़ा, अनिल कपूर डब्बू, प्रकाश बिष्ट, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आइजी रिद्धिम अग्रवाल, कश्मीर लाल, फरजाना बेगम समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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