न्यूज प्रिन्ट, रुद्रपुर। विद्युत मीटर की समस्या को लेकर पूर्व विधायक ठुकराल ने देहरादून में मुख्य सचिव से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। बता दें कि नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों, मलिन बस्तियों और भद्दीपुरा, ट्रांजिट कैंप रम्पुरा में रहने वाले हजारों परिवारों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है।
जिला विकास प्राधिकरण ने बिना मानचित्र स्वीकृति के विद्युत संयोजन न देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के चलते वर्षों से नजूल, दानपत्त और सीलिंग प्रभावित भूमि पर रह रहे नागरिकों में भारी चिंता उत्पन्न हो गई है।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि रुद्रपुर में 70प्रतिशत से अधिक नागरिक नजूल भूमि पर रहते हैं, जबकि ट्रांजिट कैंप व अन्य बस्तियों में हजारों परिवार दानपत्त और सीलिंग भूमि पर निवास कर रहे हैं। ऐसी भूमि पर रहने वालों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उन्हें मानचित्र स्वीकृति नहीं मिल सकती। परिणामस्वरूप नए विद्युत कनेक्शन रोक दिए गए हैं और परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ठुकराल ने बताया कि उनके विधायक काल में नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के आदेश हुए थे, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा आदेश निरस्त किए जाने के बाद स्थिति फिर उलझ गई है। अब इन मलिन बस्तियों के भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर उद्यमिक क्षेत्र में कार्यरत लगभग एक लाख कामगार भी आसपास की बस्तियों में निवास करते हैं। मालिकाना हक न होने के कारण ये परिवार न तो मकान खरीद पा रहे हैं और न ही विद्युत संयोजन ले पा रहे हैं। पूर्व विधायक ने जिलाधिकारी उधमसिंहनगर के 31 मई 2023 के आदेश तथा प्राधिकरण द्वारा 24 नवंबर 2025 को जारी ताज़ा आदेश को जनविरोधी बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि नजूल नीति को फिर से प्रभावी बनाते हुए फ्रीहोल्ड की सुगम व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि वर्षों से निवासरत परिवारों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित न होना पड़े।


