कैंची धाम हेतु पुलिस ने चलाई शटल सेवा लाखों श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
न्यूज प्रिन्ट,नैनीताल । नववर्ष-२०२६ के पहले दिन यानी वीरवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। नए साल के स्वागत के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुंचे। तडक़े सुबह करीब ५ बजे से ही मंदिर परिसर सहित भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। शाम तक करीब ३० हजार से अधिक भक्तों ने बाबा नीम करोली के दर्शन किए। दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। यातायात दबाव को कम करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से धाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष शटल सेवा संचालित की गई। वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका गयाए जहां से श्रद्धालुओं को शटल वाहनों के माध्यम से कैंची धाम भेजा गया।

इससे जाम की स्थिति नहीं बनी और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रही। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के मद्देनजर कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराएए वहीं ट्रैफिक पुलिस ने मार्गों पर लगातार निगरानी रखी। प्रशासन द्वारा स्वास्थ्यए आपदा और आपात सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया। कैंची धाम में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा नीम करोली महाराज के प्रति लोगों की आस्था दिन.प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दर्शन के बाद कई भक्तों ने बताया कि बाबा के दर्शन कर उन्हें गहरी मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई। कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि वे कई वर्षों से कैंची धाम आने की योजना बना रहे थेए जो नए साल के शुभ अवसर पर पूरी हुई।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मंदिर प्रबंधन तथा पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं।
पूरे दिन बाबा के जयकारों से कैंची धाम और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन के बीच नए साल के पहले दिन बाबा के दरबार में आस्था का यह संगम देखने लायक रहा। सेनेटोरियम से शटल सेवा से भेजें कैंची नैनीताल । नए साल के पहले दिन कैंची धाम में अव्यवस्थाओं का अंबार ना लगे और सडक़ में जाम ना लगे इसको लेकर पुलिस अलर्ट देखी। कैंची धाम तक निजी वाहनों के जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहा। जो भक्त कैंची धाम जाना चाह रहे थे उन्हें शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा गया। इसके अलावा टैकसी दो पहिया वाहनों के लिए भी विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी जिसके चलते कैंची धाम में यातायात सुगम बना रहा।


