भारत ने वर्ष 2016 और वर्ष 2019 में दो बार गुलाम जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों पर सैन्य कार्रवाई की है। दोनों बार भारत सरकार ने पाकिस्तान पोषित आतंकियों के हमले के बाद उन्हें सबक सिखाने के लिए कार्रवाई की थीं। इसके अलावा अमेरिका ने भी आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए पाकिस्तान के भीतर सैन्य कार्रवाई की थी।
बलूचिस्तान में छिपे आतंकवादी संगठन जैश अल अद्ल पर मिसाइल से हमला कर ईरान ने पाकिस्तान के आतंकवादी चेहरे को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। देखा जाए तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकवादियों के सबसे सुरक्षित पनाहगाह होने का जो आरोप भारत वर्षों से लगा रहा है, उस पर इस्लामिक देशों की भी मुहर लगने लगी है।
जानकार मान रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को लेकर भारत का दावा पहले के मुकाबले और ठोस हो गया है। इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा- ”यह ईरान और पाकिस्तान के बीच का आपसी मामला है। जहां तक भारत का सवाल है, आतंकवाद के प्रति हमारी नीति जीरो टालरेंस की है। हम उन कार्रवाइयों को भलीभांति समझते हैं जो देश अपनी आत्मरक्षा के लिए करते हैं।”