न्यूज प्रिंट रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर में स्वास्थ्य विभाग, धामी सरकार और जिला प्रशासन की संयुक्त दूरदर्शी पहल ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है। पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को ठहरने की उचित सुविधा न होने के कारण जाँच या उपचार पूरा होने से पहले ही लौटना पड़ता था। खासकर दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को यात्रा और प्रतीक्षा दोनों में भारी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं, जिससे प्रसव के दौरान जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता था।

इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने धामी सरकार की “सुरक्षित मातृत्व” नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए सुसज्जित प्रतीक्षालय तैयार किए गए, जिनमें हॉट एंड कूल एयर-कंडीशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे महिलाओं को आरामदायक और सुरक्षित वातावरण मिला, जहाँ वे समय पर जाँच करा सकती हैं और प्रसव से पूर्व उचित देखभाल प्राप्त कर सकती हैं।
यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली तथा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं—जनपद में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है। बेहतर सुविधाएँ, समय पर इलाज और सुरक्षित माहौल ने मातृ स्वास्थ्य व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और संवेदनशील बनाया है।
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्यप्रणाली और धामी सरकार की संवेदनशील सोच यह दर्शाती है कि सही योजना और प्रभावी प्रबंधन के साथ मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा को नए आयाम दिए जा सकते हैं, और यह मॉडल प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।


