न्यूज प्रिन्ट रुद्रपुर प्रेस विज्ञप्ति रुद्रपुर में राज्य निर्माण आंदोलनकारियों का सम्मेलन, छह सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित 9 नवम्बर 2026 से पूर्व कार्रवाई की मांग, स्व. इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में पार्क व प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव रुद्रपुर, 22 फरवरी 2026। Uttarakhand State Formation Movement Council की जिला ऊधम सिंह नगर इकाई द्वारा आज नगर निगम सभागार, रुद्रपुर में आयोजित सम्मेलन में राज्य निर्माण आंदोलनकारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान, अधिकार और स्वाभिमान से जुड़े छह प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

सम्मेलन में यह पीड़ा प्रमुखता से उभरकर सामने आई कि समय के साथ राज्य निर्माण आंदोलनकारियों के सम्मान कार्यक्रम केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। सरकार और जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को केवल माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाता है, जबकि उन्हें मंच से अपने संघर्ष और अनुभव साझा करने का अवसर नहीं दिया जाता। इसे आंदोलनकारियों के आत्मसम्मान और शहीदों के सपनों के साथ अन्याय बताया गया। परिषद ने मांग की कि इस प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उपेक्षा पर नाराज़गी सम्मेलन में यह भी कहा गया कि कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को आमंत्रित ही नहीं किया जाता।
यदि कभी आमंत्रण दिया भी जाता है तो बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होती, जिससे अपमान और पीड़ा की भावना जन्म लेती है। परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया कि आंदोलनकारियों की गरिमा और योगदान को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अलग काउंटर/प्राथमिकता व्यवस्था की मांग तीसरे प्रस्ताव में यह मुद्दा उठाया गया कि आंदोलनकारियों को शासकीय कार्यालयों में अपनी समस्याएं रखने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है या यह कहकर टाल दिया जाता है कि “आज समय नहीं है।” इसे गंभीर अपमान बताया गया। परिषद ने मांग की कि सभी शासकीय और अर्धशासकीय संस्थानों, अस्पतालों और सार्वजनिक उपक्रमों में राज्य आंदोलनकारियों के लिए अलग काउंटर अथवा प्राथमिकता व्यवस्था की परंपरा प्रारंभ की जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक और त्वरित सेवा मिल सके।
स्व. इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में पार्क/चौक की मांग सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रुद्रपुर जिला मुख्यालय में स्वर्गीय Indramani Badoni की स्मृति में एक पार्क अथवा चौक आवंटित करने से संबंधित रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि “उत्तराखंड के गांधी” के रूप में विख्यात स्व. बडोनी की प्रतिमा की स्थापना राज्य निर्माण के शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। परिषद ने प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। पहचान से वंचित आंदोलनकारियों को न्याय पांचवें प्रस्ताव में उन वास्तविक आंदोलनकारियों के लिए समय-सीमा तय करने की मांग की गई, जो अब तक पहचान से वंचित हैं। जिलाधिकारियों के कार्यालयों में लंबित प्रकरणों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई कर प्राकृतिक न्याय प्रदान करने की बात कही गई।
सूचना पट्ट लगाने का प्रस्ताव छठे प्रस्ताव में राज्य के प्रत्येक विकासखंड और तहसील स्तर पर स्थानीय आंदोलनकारियों के नाम, स्थिति और अद्यतन विवरण सहित सूचना पट्ट लगाने की मांग की गई। परिषद का कहना है कि इससे आंदोलनकारियों की उपेक्षा कम होगी और नई पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। 9 नवम्बर 2026 से पूर्व समाधान की अपेक्षा सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उपर्युक्त सभी प्रस्ताव सरकार, प्रशासन और प्रेस को प्रेषित किए जाएंगे, इस अपेक्षा के साथ कि 9 नवम्बर 2026 (राज्य स्थापना दिवस) से पूर्व इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। प्रस्तावों की प्रति माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, कुमाऊँ एवं गढ़वाल आयुक्त, सभी जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा विभागाध्यक्षों को प्रेषित की गई है। सम्मेलन में जिला इकाई के पदाधिकारियों और राज्य आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि राज्य के लिए संघर्ष करने वालों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन की नैतिक जिम्मेदारी है।
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