न्यूज प्रिन्ट,रुद्रपुर। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर ऊधम सिंह नगर में विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि बीते वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जिले के लाखों लोगों तक पहुंचा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
जिले में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 10.78 लाख से अधिक लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 10.74 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 3,450 और शहरी क्षेत्रों में 7,040 आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 1.95 लाख से अधिक घरों तक नल से जल कनेक्शन पहुंचाया गया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 97 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 92 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत एक लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 11 हजार से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
जनजातीय विकास के क्षेत्र में पीएम-जनमन अभियान के तहत ऊधम सिंह नगर को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए रुद्रपुर में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का लोकार्पण किया जा चुका है। साथ ही करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का निर्माण कार्य चल रहा है।
किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य जारी है। वहीं, पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के विकास के लिए 524.78 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।
सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में 20.64 किलोमीटर लंबे रुद्रपुर रिंग रोड और बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा काशीपुर, गदरपुर और खटीमा बाईपास परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था और क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आवासीय विद्यालयों के भवन और छात्रावास बनाए गए हैं। वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के लिए खुरपिया-किच्छा क्षेत्र में लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है, जिससे करीब 75 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इसके अलावा सितारगंज में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। खटीमा में 7.15 करोड़ रुपये की लागत से सीएसडी कैंटीन भवन का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में जिले में विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हुए कार्य विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।


