23 कमजोर सीटों और विधायकों के कामकाज की करेंगे समीक्षा, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर रहेगा जोर
न्यूज प्रिन्ट,देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नौ और 10 सितंबर को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका प्रदेश का दूसरा दौरा होगा।
नितिन नवीन के पिछले दौरे में विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार वाली 23 सीटों पर विशेष फोकस किया गया था। उन्होंने पार्टी विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवास बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद मजबूत करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने के निर्देश दिए थे। अब उनके दूसरे दौरे को इन निर्देशों की प्रगति की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोकस केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी तैयारियों की समीक्षा पर अधिक रहेगा। 23 कमजोर विधानसभा सीटों में संगठन की सक्रियता, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं के प्रवास की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।
विधायकों के कामकाज पर भी नजर
राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में पार्टी विधायकों की क्षेत्र में सक्रियता और उनके कामकाज की समीक्षा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार विधायकों को जनता के बीच रहने, कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है।
ऐसे में विधायकों के क्षेत्रीय प्रदर्शन और संगठन के साथ उनके समन्वय को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है। जिन क्षेत्रों को पार्टी कमजोर मान रही है, वहां संगठन को मजबूत करने के लिए आगे की रणनीति पर भी चर्चा संभावित है।
चुनावी रणनीति पर होगा मंथन
नितिन नवीन के दौरे के दौरान प्रदेश संगठन की चुनावी तैयारियों, आगामी कार्यक्रमों और कमजोर सीटों को मजबूत करने की रणनीति पर भी मंथन होने की संभावना है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा पार्टी के लिए संगठनात्मक तैयारियों की कसौटी के साथ-साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


