न्यूज पिन्ट नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने विंटर एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बनाई गई यह योजना 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसके तहत वाहनों से होने वाले प्रदूषण, निर्माण स्थलों की धूल और यातायात के दबाव को कम करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।
वैध पीयूसी के बिना नहीं मिलेगा ईंधन
योजना के तहत ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति लागू की जाएगी। इसके अनुसार, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना वाहनों को ईंधन नहीं देने का प्रावधान है। इसके अलावा बीएस-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे के बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की योजना है।
वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। इससे सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही बस और मेट्रो सेवाओं को मजबूत करने तथा सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
धूल और नियमों के उल्लंघन पर निगरानी
निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए सख्ती की जाएगी। नियमों के पालन की निगरानी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एआई कैमरों का इस्तेमाल भी किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन उपायों के जरिए राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार करना और लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना है।





