विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी ने बढ़ाई चिंता
न्यूज प्रिन्ट, देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच फेस को लेकर संघर्ष और गुटबाजी ने चिंता बढ़ा दी है। पार्टी जमीनी स्तर पर कमजोर दिख रही है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं में हर कोई पार्टी का प्रमुख चेहरा बनने के लिए सक्रिय है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब कैडर आधारित पार्टी नहीं रही है, जिससे अनुशासनहीनता और आपसी मतभेद बढ़ गए हैं। इस वजह से पार्टी को सत्ता में वापसी के दावे को हकीकत में बदलना आसान नहीं होगा।

पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हरीश रावत ने भी इन नेताओं को पंचमुखी बताया है। विश्लेषक जय सिंह रावत के अनुसार, कांग्रेस में आपसी लड़ाई नई बात नहीं है, लेकिन अब पार्टी को नेताओं के झगड़े से ज्यादा धरातल पर काम करने की जरूरत है।


