न्यूज़ प्रिन्ट पजांब, अर्शदीप सिंह 17 जनवरी की शाम को अचानक लापता हो गया था। कुछ लोगों ने उसे एक युवक के पीछे मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा था, लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। उसका फोन भी बंद आ रहा था। घटना की जानकारी पुलिस को भी मिली और मामले की जांच के बाद जो कहानी सामने आई वह काफी परेशान करने वाली है। बठिंडा के गांव चाउके में 21 वर्षीय युवक के कत्ल मामले को थाना रामपुरा सदर पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। युवक के हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसके अपने दोस्त ही निकले।
अर्शदीप सिंह 17 जनवरी की शाम को अचानक लापता हो गया था। कुछ लोगों ने उसे एक युवक के पीछे मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा था, लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। उसका फोन भी बंद आ रहा था। घटना की जानकारी पुलिस को भी मिली और मामले की जांच के बाद जो कहानी सामने आई वह काफी परेशान करने वाली है।

आरोपी को शक था कि मृतक युवक की वजह से उसके दूसरे दोस्त ने आरोपी से रिश्ता तोड़ लिया है। सिर्फ इतनी सी बात पर आरोपी ने युवक की हत्या कर शव को अपने मवेशी घर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। बठिंडा के गांव चाउके में 21 वर्षीय युवक के कत्ल मामले को थाना रामपुरा सदर पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। युवक के हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसके अपने दोस्त ही निकले। आरोपी को शक था कि मृतक युवक की वजह से उसके दूसरे दोस्त ने आरोपी से रिश्ता तोड़ लिया है। सिर्फ इतनी सी बात पर आरोपी ने युवक की हत्या कर शव को अपने मवेशी घर में गड्ढा खोदकर दबा दिया।
पुलिस के मुताबिक अर्शदीप का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका ही दोस्त गुरभिंदर उर्फ गोल्डी था जिसने अपने दूसरे साथी बलजीत उर्फ प्रभु के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। हत्या के कारण बेहद मामूली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अर्शदीप और गोल्डी का एक और पारस्परिक मित्र था, जो कुछ महीने पहले बाहर चला गया था। किसी कारणवश उसने गोल्डी से अपनी दोस्ती तोड़ दी थी। गोल्डी ने इसके लिए अर्श को जिम्मेदार ठहराया था। जिसके चलते उसने पहले से ही उसे मारने की योजना बना ली थी।
हालांकि पहले आरोपी ने पुलिस के सामने दावा किया था कि मृतक उसकी एक रिश्तेदार बहन के साथ छेड़छाड़ करता था, लेकिन पुलिस जांच में यह कहानी भी झूठी निकली। घटना वाले दिन 17 जनवरी को पहले से बनी योजना के मुताबिक आरोपी गोल्डी अर्श को अपनी मोटरसाइकिल से गांव में चल रहे एक टूर्नामेंट मेले में ले गया, जहां इसी मेले के सामने अपने चचेरे भाई की वर्कशॉप में मोटरसाइकिल खड़ी करने के बहाने वह अर्श को वर्कशॉप के अंदर ले गया। इसी बीच उन्होंने बलजीत उर्फ प्रभु को मौके पर बुलाया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने वर्कशॉप का गेट बंद कर दिया और अर्श को बांध कर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी बलजीत उर्फ प्रभु वापस चला गया। बाद में गोल्डी ने अर्श की हत्या कर दी। रात को मोटरसाइकिल रेहड़ी पर लाश को पीछे रखकर वह अपने घर ले गया, जहां एक खाली कमरे में पहले से ही गड्ढा खोदा हुआ था। शव को इस गड्ढे में फेंककर बंद कर दिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद गड्ढे से बदबू आने लगी, तो इस घटना से पर्दा उठ गया। थाना सदर रामपुरा के प्रभारी गुरदीप सिंह ने बताया कि आरोपित गुरभिंदर उर्फ गोल्डी व बलजीत उर्फ प्रभु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस रिमांड हासिल कर उनसे गंभीरता से पूछताछ की जा रही है।