न्यूज प्रिन्ट,रुद्रपुर। पिछले कई दिनों से विकास कार्यों के श्रेय को लेकर आमने-सामने चल रहे विधायक शिव अरोरा और रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा के बीच जारी विवाद पर आखिरकार भाजपा संगठन ने हस्तक्षेप किया। पार्टी की छवि पर पड़ रहे असर को देखते हुए दोनों नेताओं को देहरादून तलब किया गया, जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें अनुशासन और संगठन की मर्यादा का पाठ पढ़ाया।
बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा एक परिवार की तरह कार्य करती है और आपसी मतभेद सार्वजनिक होने से संगठन की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने दोनों नेताओं को भविष्य में विवाद से बचने तथा क्षेत्र के विकास के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ड्रेनेज सिस्टम और प्रस्तावित भव्य प्रवेश द्वार जैसी विकास परियोजनाओं को लेकर विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। दोनों पक्षों ने अलग-अलग पत्रकार वार्ताएं कर इन परियोजनाओं का श्रेय लेने का दावा किया था।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब नगर निगम में आयोजित विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान, प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसके बाद दोनों के समर्थकों के बीच भी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया, जिससे पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई।
संगठन के हस्तक्षेप के बाद देहरादून में हुई बैठक में विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा ने एक-दूसरे से गले मिलकर सभी मतभेद भुलाने का संदेश दिया। दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर जनता के बीच जाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत मतभेदों को सार्वजनिक मंचों तक ले जाना पार्टी हित में नहीं है और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।


