न्यूज प्रिन्ट रुद्रपुर। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने लोकसभा सत्र के दौरान ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से अतारांकिक प्रश्न में पूछा की सरकार देश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या योजना बना रही है इसके अलावा ग्रामीण पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन की क्षमता का दोहन करने के लिए राज्य संघ और क्षेत्रवार कौन-कौन सी योजनाएं प्रस्तावित हैं और देश में ग्रामीण पर्यटन की क्या स्थिति है इसके अलावा उन्होंने पूछा कि उत्तराखंड सहित राज्यों का क्या ब्यौरा है इसके लिए सरकार कितनी धनराशि आवंटित कर रही है। सदन में सांसद अजय भट्ट के आतंरिकिक सवाल पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जवाब दिया कि पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन’, ‘राष्ट्रीय तीर्थस्थल कायाकल्प एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान मिशन (प्रशाद) और पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ नामक योजनाओं के तहत, पिछडे ग्रामीण क्षेत्रों/जनजातीय क्षेत्रों सहित देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन संबंधी अवसंरचना और सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत ग्रामीण परिपथ को विषयगत परिपर्थों में से एक के रूप में चिह्नित किया गया।
स्वदेश दर्शन योजना के ग्रामीण परिपथ के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का ब्यौरा अनुबंध में दिया गया है। स्वदेश दर्शन योजना को गंतव्य-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए स्थायी एवं जिम्मेदारीयुक्त स्थलों के विकास के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के नाम से नया रूप दिया गया। पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने एवं पर्यटन स्थलों को स्थायी और जिम्मेदारीयुक्त स्थलों के रूप में परिवर्तित करने के लिए स्वदेश दर्शन 2.0 योजना की एक उप योजना के रूप में ‘चुनौती आधारित गंतव्य विकास’ के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं। जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के संवर्धन के उद्देश्य से, पर्यटन मंत्रालय ने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएम-जेयूजीए) के तहत ‘जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे का विकास’ (स्वदेश दर्शन योजना की एक उप-योजना) के लिए राज्य सरकारों और संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने के लिए टॅम्लेट सहित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उत्तरदायी पर्यटन को बढ़ावा देने और जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसरों में वृद्धि करने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे का विकास करना है। यह दिशानिर्देश होमस्टे मालिकों के तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। उक्त पहल में ग्राम समुदाय की आवश्यकता के लिए 5 लाख रुपये तक, प्रत्येक घर के लिए दो नए कमरों के निर्माण हेतु 5 लाख रुपये तक और मौजूदा कमरों के नवीनीकरण के लिए 3 लाख रुपये तक की सहायता सहित 1000 होमस्टे का विकास करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा में, सरकार ने होमस्टे के लिए पीएमएमवाई (मुद्रा) ऋण योजना में एक अलग श्रेणी शुरू की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होमस्टे भी इस ऋण का लाभ उठाने के पात्र हैं। संवर्धनात्मक अभियान के भाग के रूप में, राज्य सरकारों और हितधारकों के लिए दिनांक 11.09.2025 को नई दिल्ली में होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से होमस्टे इकाइयों के लिए मुद्रा ऋण का लाभ उठाने हेतु हितधारकों के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका के रूप में वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय के सहयोग से 27 सितंबर, 2025 को होमस्टे हेतु मुद्रा ऋण के लिए गाइड पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई। पर्यटन मंत्रालय ने 27 सितंबर, 2024 को ‘पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी’ नामक एक राष्ट्रीय उत्तरदायी पर्यटन पहल शुरू की, जिसके माध्यम से महिलाओं और युवाओं के प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि वे होमस्टे मालिकों, विभिन्न पाक-कला एवं व्यंजन संबंधी अनुभव प्रदाताओं, सांस्कृतिक गाइड, प्राकृतिक गाइड, साहसिक गाइड, और अन्य भूमिकाओं के रुप में, गंतव्य की क्षमता के आधार पर लाभकारी रोजगार प्राप्त करने के लिए इन कौशलों का लाभ उठा सकें। पर्यटन मंत्रालय ने भारत में ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप भी तैयार किया है जिसे सभी राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों को परिचालित किया गया।


