न्यूज प्रिन्ट रुद्रपुर वैष्णवी शक्तिपीठ आश्रम ,गुरु मां स्वर्ग फार्म देवी जी के स्थान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन का पूजन प्रदीप जैन के परिवार द्वारा कराया गया।कथा व्यास नारायण जी ने श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह का वर्णन किया गया, जिसमें उन्होंने बताया कि धन को परमार्थ में लगाने से लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त होती है और अहंकार से बचना चाहिए।

साथ ही कर्म प्रधान है और जैसे भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था उसी तरह वही कृष्ण भगवान हर जीव के अन्दर विराजमान है।कथावाचक नारायण जी ने बताया कि अहंकार से बचना चाहिए, जैसे कि खीर में नींबू रस गिरने से वह खराब हो जाती है, वैसे ही अहंकार से सारी अच्छाइयां नष्ट हो जाती हैं। हमें धन को परमार्थ में लगाना चाहिए, जब कोई लक्ष्मी नारायण को पूजता है या उनकी सेवा करता है, तो उन्हें भगवान की कृपा स्वत: ही प्राप्त हो जाती है. इसके साथ रासलीला का वर्णन करते हुए बताया कि यह जीव और परमात्मा के मिलन की कथा है, और इसमें काम पर विजय प्राप्त करने की बात कही गई है ।

कथा में कंस वध का भी वर्णन किया गया, जिसमें श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर मथुरा नगरी को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। इस मौके पर महंत भजन प्रकाश अरोरा व श्याम खुराना ,वैष्णो शक्ति मंदिर जगतपुरा से माता जोगिंदर कौर, अनंत प्रेम आश्रम से निष्ठानंद बाई जी भी मौजूद थे प्रदीप जैन ,संजय जुनेजा , वेद ठुकराल , कमल कक्के , कैलाश अग्रवाल , प्रदीप अग्रवाल ,सतनाम , राजेश , राजीव , नरेश , जिगर, गौरव , ताराचंद , सन्नी , लक्ष्य , जगदीश , आशा , रमन , शम्मी , सीमा , कंचन , गगन , सुनीता , प्रीति आदि मौजूद थे।
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