रुद्रपुर। सात सूत्रीय मांग को लेकर मंडी समिति कर्मचारी संघ ने मंडी निदेशालय में धरना शुरू कर दिया। उतराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड कर्मचारी संघ एवं मण्डी समिति कर्मचारी संघ का कहना था कि संचालक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किये जाने वाले प्रस्तावों में मण्डी अधिनियम के अनुरूप होने पर ही पास करने की अनुमति प्रदान की जाए। संचालक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किये जाने वाले अतिरिक्त प्रस्ताव, जिनका परीक्षण एवं समीक्षा कार्यालय स्तर से न की गयी हो, उनको वापस कार्यालय समीक्षा हेतु भिजवाया जाए।
जिन प्रस्तावों में शासन की स्वीकृति/अनुमोदन की आवश्यकता हो, उन्हें शासन को संदर्भित किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को मण्डी विभाग में समयोजन के प्रस्ताव का विरोध किया जाये।मण्डी समितियों की सम्पत्तियों को विधि-विरूद्ध फी-होल्ड/लीज़ पर दिये जाने के प्रस्ताव नियम विरूद्ध एवं अधिनियम के विरूद्ध होने के कारण अनुमोदन के लिए सहमति न दी जाए।परिषद/बोर्ड निधि की धनराशि को अन्य मदों में व्यय किये जाने के सम्बन्धी प्रस्ताव का विरोध किया जाये और अधिनियम में प्राविधानित व्यवस्था/अधिकारों के प्रतिनिधायन में बदलाव किये जाने के प्रस्ताव का विरोध करने का कष्ट करें। इस दौरान कुमाऊं और गढ़वाल की उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड एवं मण्डी समितियों के समस्त कर्मचारी मौजूद थे।
इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद ,कुलदीप नैनवाल, विजय सिंह, दिग्विजय सिंह, कैलाश चंद शर्मा, आशा गोस्वामी, विनोद चंद्र, मोहन चंद्र जोशी, कैलाश मेहरा, योगेश, नवनीत चौहान, संजीव कुमार पाठक, ललित पाठक, ललित मोहन पांडे, भीम सिंह बोरा, कमल किशोर मेहरा, गोविंद चंद्र, हीरालाल, भुवन चंद्र जोशी, रमेश चंद, गोविंद बल्लभ पांडे, राजीव कुमार, मोहन जोशी, भुवन बिष्ट, मनमोहन सिंह, नारायण सिंह राणा ,कपिल पाल, ममता, हेमलता पांडे, निर्मल वर्मा, श्रीमती राधा किशन देवी आदि मौजूद थे।