न्यूज प्रिन्ट रुद्रपुर। आदर्श कॉलोनी स्थित वैष्णवी शक्तिपीठ आश्रम (प्राचीन श्री वैष्णो देवी मंदिर) से वैष्णवी शक्ति पीठाधीश्वरी ब्रह्मलीन मां हंसेश्वरी भारती जी महाराज की सत प्रेरणा में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा पूज्यनीय स्वर्ग फार्म वाली देवी जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित भागवत कथा की पूर्व संध्या पर निकाली गई, जिसमें भक्तों का अटूट उत्साह देखने को मिला। यात्रा का मुख्य उद्देश्य भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगकर क्षेत्र के लोगों में आनंद और उत्साह का संचार करना था। कलश यात्रा की शुरुआत से पहले, पंडित जी ने भागवत जी का विधि-विधान से पूजन किया और संकीर्तन के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तिमय नारों के बीच, यात्रा ने एक अद्भुत रूप धारण किया। एक सुंदर रथ पर विराजमान पूज्यनीय देवी जी का आकर्षक स्वरूप, भगवान कृष्ण की मनमोहक झांकी, और दुर्गा माता की दिव्य झांकी, यात्रा के आकर्षण का केंद्र थे।

इस्कॉन मंदिर से आई भक्त मंडली ने भी अपनी उपस्थिति से शोभा यात्रा की गरिमा बढ़ाई ।महिलाओं ने सिर पर कलश और हाथों में झंडे लेकर यात्रा की शोभा बढ़ाई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। यह भव्य कलश यात्रा वैष्णो द्वार से शुरू होकर अग्रवाल धर्मसभा, भगत सिंह चौक, पांच मंदिर, दुर्गा मंदिर, और मुख्य बाजार जैसे अनेक महत्वपूर्ण स्थानों से गुजरी। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और आनंद की लहर दौड़ गई।इस यात्रा का नेतृत्व पूज्यनीय संत कथा व्यास नारायण चैतन्य जी महाराज और महंत मनीष सलूजा जी ने किया।
इस अवसर पर मंदिर महंत भजन प्रकाश अरोड़ा, श्याम खुराना, महापौर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, संजय ठुकराल, भारत भूषण चुग, राजीव अनेजा, सतनाम सिंह, पवन डाबरा, कपिल, राजेश आनंद, नरेश घई, राजीव ग्रोवर, जगदीश अरोड़ा, जिगर गुंबर, लक्ष्य शर्मा, अंकित चौधरी, जितेंद्र, अशोक कुमार, गौरव गुंबर, सन्नी, हरीश अरोड़ा, दीपक नारंग, सुखवीर सिंह, प्रमोद साहनी, गोविंद राय, गणेश राय, राजेंद्र पाल, अमन पाल, अजय पल, कमल पाल, रोहित पासी, सुरेंद्र गुंबर, कंचन, सुनीता अरोड़ा, सुखवीर मली, प्रीति ग्रोवर, कविता सोढ़ी, राम जी, निशा, गगन गुंबर, मन्नू सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति से यात्रा को सफल बनाया।इस भव्य आयोजन ने क्षेत्र के लोगों में भक्ति और श्रद्धा की भावना को और भी मजबूत किया, और यह एक यादगार अवसर बन गया।


