न्यूज प्रिन्ट,रुद्रपुर। शहर के इंदिरा चौक पर ‘त्रिशूल चौक’ के भव्य निर्माण और मंगलवार को मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध जैसे निर्णयों के साथ एक वर्ष के सफल कार्यकाल को लेकर गौ रक्षा दल ने महापौर विकास शर्मा का जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर, भगवा पटका, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने इन निर्णयों को जनभावनाओं और सनातन संस्कृति के सम्मान से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में गौ रक्षा दल के जिलाध्यक्ष विराट आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने विकास के साथ धार्मिक मूल्यों को मजबूती से जोड़ा है।

उन्होंने त्रिशूल चौक की स्थापना को रुद्रपुर के गौरव और सांस्कृतिक पहचान के पुनर्जीवन से जोड़ा। मंगलवार को मीट की दुकानों पर प्रतिबंध को धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक मिसाल बताया गया। सम्मान से अभिभूत महापौर विकास शर्मा ने कहा कि भगवान रुद्र के नाम पर बसे इस शहर की सांस्कृतिक पहचान को पुनः स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि 14 फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इंदिरा चौक पर विशाल त्रिशूल का लोकार्पण किया जाएगा। भविष्य में शहर के प्रमुख चौराहों पर डमरू और हनुमान जी की गदा स्थापित करने के साथ ही भगवान शिव की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा लगाने की योजना पर भी कार्य चल रहा है।
महापौर ने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। साथ ही वर्षों से लंबित गौशाला की मांग को पूरा करते हुए छह एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिससे बेसहारा गौवंश को आश्रय मिलेगा। उन्होंने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क’ के निर्माण की भी घोषणा की, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीख ले सकें। महापौर ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि देवभूमि की पावन धरा पर सांस्कृतिक अतिक्रमण और समाज को बांटने वाली मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए गौ रक्षा दल के कार्यों की सराहना की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर गौ रक्षा दल के महामंत्री राधे सनातनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित जितेंद्र शर्मा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रपाल मौर्य, जिला मंत्री विशाल कोली, नगर अध्यक्ष धीरज बंसल सहित बड़ी संख्या में गौ रक्षक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


