महानवमी और दशहरा का विशेष संयोग
न्यूज प्रिन्ट साल 2026 में शारदीय नवरात्रि का समापन खास संयोग के साथ होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार महानवमी और दशहरा एक ही दिन मनाए जाएंगे। कई वर्षों बाद बन रहे इस संयोग को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महानवमी पर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस दिन कन्या पूजन की भी विशेष परंपरा है। श्रद्धालु छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा देते हैं।
वहीं, दशहरा यानी विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर देशभर में रावण दहन किया जाता है और भगवान श्रीराम की विजय का उत्सव मनाया जाता है।
महानवमी और दशहरा एक ही दिन पड़ने से श्रद्धालुओं के लिए पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व और बढ़ जाएगा। ऐसे में कन्या पूजन और रावण दहन की तैयारी करने वाले श्रद्धालुओं को तिथि और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।





