ऊधमसिंह नगर। नवनियुक्त बैंक प्रशासक एवं संयुक्त निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड श्री एम.पी. त्रिपाठी ने जिला सहकारी बैंक एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में जिले की बैंकिंग एवं सहकारी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ऋण वितरण, वसूली और निक्षेप की स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रशासक ने जिले की विभिन्न शाखाओं के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य न करने वाले शाखा प्रबंधकों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उन्हें कार्य प्रणाली में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी देयकों की बकाया धनराशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

श्री त्रिपाठी ने सहकारी समितियों में बढ़ते एनपीए (Non Performing Assets) पर चिंता जताते हुए समिति सचिवों को पुराने बकाया की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अल्पकालीन एवं मध्यकालीन ऋण वितरण को गति देने, दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सीएससी एवं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से व्यवसाय वृद्धि तथा नई पैक्स के बैंक से लिंकेज को मजबूत करने पर बल दिया।
उन्होंने अंश ‘क’ नकद ऋण वितरण में तेजी लाने और पैक्स कंप्यूटरीकरण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट कहा कि दैनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी, सहकारी समितियों के सचिव, सहकारी अमीन, एफपीओ से जुड़े अधिकारी एवं जिला सहकारी बैंक के सभी शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के सचिव/महाप्रबंधक श्री संदीप कुमार, नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक श्री अजय नाइक तथा जिला सहायक निबंधक श्री हरीश चंद्र खंडूड़ी ने भी सहकारिता क्षेत्र के उन्नयन पर अपने विचार प्रस्तुत किए।


