न्यूज प्रिन्ट शक्तिफार्म। पवित्र चैत्र मास के आध्यात्मिक वातावरण में शनिवार को क्षेत्र भक्ति, तप और त्याग की दिव्य ऊर्जा से आलोकित हो उठा। भगवा वस्त्रधारी संन्यासियों ने प्राचीन परंपरा ‘बाजार संन्यास’ का निर्वहन करते हुए नगर में भ्रमण किया, जिससे पूरा वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंजायमान हो गया।
श्रद्धा और साधना के इस अनुष्ठान के अंतर्गत संन्यासियों ने घर-घर एवं प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर भिक्षाटन किया, जिसे धर्म और सेवा का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा न केवल त्याग का संदेश देती है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता का भी संचार करती है। नगर भ्रमण के उपरांत सभी संन्यासी क्षेत्र के पावन तारकेश्वर धाम सहित विभिन्न शिवालयों में एकत्रित हुए, जहां विधि-विधान से महाअभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इस दौरान भक्तों की आस्था अपने चरम पर रही और संपूर्ण क्षेत्र शिवमय हो गया। मान्यता है कि चैत्र मास में किया जाने वाला ‘बाजार संन्यास’ आत्मशुद्धि, तप और पूर्ण समर्पण का प्रतीक होता है।
इस पावन काल में संन्यासी कठोर साधना के माध्यम से स्वयं को शिव तत्व में विलीन करने का प्रयास करते हैं, जो समस्त मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।इस दिव्य आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सनातन परंपराएं आज भी समाज को आध्यात्मिकता और संस्कारों की ओर अग्रसर कर रही हैं।


