- विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार
- जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए 786.79 करोड़ की डीपीआर को मिली स्वीकृति
रुद्रपुर। रुद्रपुर में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल हुई है। शहर के लिए तैयार किए गए मास्टर ड्रेनेज प्लान की 786.79 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। परियोजना के पहले चरण में 441.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री की औपचारिक स्वीकृति के बाद जल्द ही शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।
यह जानकारी विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में विधायक बनने से पहले जनता से किए गए 13 प्रमुख संकल्पों में रुद्रपुर की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान भी शामिल था। वर्ष 2021 की भीषण जल त्रासदी के बाद उन्होंने इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष मास्टर ड्रेनेज प्लान का प्रस्ताव रखा था।
विधायक ने बताया कि 31 अक्टूबर 2022 को मुख्यमंत्री को दिए गए 10 सूत्रीय प्रस्तावों में मास्टर ड्रेनेज प्लान भी शामिल था। इसके बाद 22 नवंबर 2022 को सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी मांगी गई। 76 लाख रुपये की लागत से सर्वे का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा गया, जिसने जनवरी 2025 में डीपीआर तैयार कर विभाग को सौंपी।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक डीपीआर लगभग 908 करोड़ रुपये की थी, जिसे तकनीकी परीक्षण के बाद संशोधित कर 786.79 करोड़ रुपये किया गया। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति और व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने परियोजना के पहले चरण के लिए 441.79 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान कर दी है।
पहले चरण में इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
पहले चरण में 184.41 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके अंतर्गत वार्ड संख्या 1 से 13, 16 से 22 तथा 27 से 39 तक मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। योजना में ट्रांजिट कैंप, रमपुरा, खेड़ा, संजय नगर, जगतपुरा, आवास विकास, रवींद्र नगर, दूधिया नगर, बिगवाड़ा, इंद्रा कॉलोनी, घास मंडी और गांधी कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
परियोजना के तहत 23 पुराने नालों का पुनर्निर्माण और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी, जबकि 61 नए नालों का निर्माण होगा। कुल 84 नालों का निर्माण लगभग 21.9 किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि यह परियोजना चार वर्षों के लगातार प्रयास, पत्राचार और सरकार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकासोन्मुख दृष्टिकोण के कारण यह महत्वपूर्ण योजना धरातल पर उतरने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि शासनादेश जारी होने के बाद वर्ष 2026 में ही प्रथम चरण के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भरत डांगी, सहायक अभियंता विजय पाल तथा अपर सहायक अभियंता सुरेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


