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दिनेश आर्य ने राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया नामांकन, प्रस्तावक बने बाल सखा शिव अरोरानामांकन के दौरान गले मिले दोनों मित्र

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नामांकन के दौरान गले मिले दोनों मित्र, विधायक बोले—दिनेश का राज्यसभा जाना मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय, निर्विरोध राज्यसभा जाने पर दी शुभकामनायें*

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए घोषित प्रत्याशी दिनेश आर्य ने मंगलवार को देहरादून स्थित उत्तराखंड विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद, मंत्री, विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।नामांकन की प्रक्रिया में रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने अपने बाल सखा दिनेश आर्य के प्रस्तावक के रूप में नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों की वर्षों पुरानी मित्रता भी देखने को मिली। नामांकन के बाद शिव अरोरा और दिनेश आर्य ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी का इजहार किया।विधायक शिव अरोरा ने कहा कि दिनेश आर्य का उत्तराखंड से राज्यसभा प्रत्याशी बनना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद प्रसन्नता और गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि दिनेश आर्य उनके बाल सखा हैं और लंबे समय से दोनों ने संगठन में साथ काम किया है। ऐसे में उनके नामांकन में स्वयं प्रस्तावक बनना उनके लिए विशेष भावनात्मक क्षण है।उन्होंने कहा कि दिनेश आर्य ने विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक एवं संगठनात्मक जीवन की शुरुआत की और इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा तथा अनुसूचित मोर्चा में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। वह भाजपा के नैनीताल जिलाध्यक्ष भी रहे और संगठन में प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब प्रभारी के रूप में भी उन्होंने संगठन का काम किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जुड़ी जनसंपर्क संबंधी जिम्मेदारी निभाई और वर्तमान में राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में राज्यमंत्री स्तर का दायित्व संभाल रहे हैं। विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ लंबा संगठनात्मक सफरदिनेश आर्य का राजनीतिक सफर करीब चार दशक पुराना है। उन्होंने 1985 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से संगठनात्मक राजनीति की शुरुआत की। इसके बाद 1986 से 1988 तक ABVP नैनीताल जिला संयोजक और 1988 से 1991 तक भाजपा युवा मोर्चा नैनीताल जिला मंत्री रहे। 1992 से 1995 तक भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नैनीताल जिलाध्यक्ष, 1996 से 1998 तक युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा 2001 से 2002 तक अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद दिनेश आर्य 2007 से 2010 तक भाजपा नैनीताल जिलाध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय संगठन में भी उन्हें जिम्मेदारी मिली और 2017 से 2021 के बीच भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब प्रभारी के रूप में कार्य किया। वर्ष 2021 में उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जुड़ी जनसंपर्क जिम्मेदारी भी दी गई। वर्तमान में वह राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं और राज्यमंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है। विधायक शिव अरोरा ने कहा कि दिनेश आर्य का संगठन में लंबा अनुभव और विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव अब राज्यसभा में उत्तराखंड के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने एक लंबे समय से संगठन में काम कर रहे कार्यकर्ता को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है।निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति, विधायक ने दी अग्रिम शुभकामनाएंशिव अरोरा ने कहा कि दिनेश आर्य के सामने अभी तक किसी अन्य प्रत्याशी द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किया गया है। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। उन्होंने दिनेश आर्य को राज्यसभा चुनाव के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उनके और उनके जैसे लंबे समय से संगठन में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का अवसर है।विधायक ने कहा कि भाजपा संगठन लगातार विस्तार और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा विकास और संगठन के आधार पर जनता के बीच जाएगी।नामांकन के अवसर पर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व सहित बड़ी संख्या में सांसद, मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और दिनेश आर्य को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।

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