38.1 C
Rudrapur
Monday, May 18, 2026

एलर्जिक राइनाइटिस के इलाज में आयुर्वेदिक औषधि ‘इम्बो’ प्रभावकारी : वैद्य बालेंदु प्रकाश

अवश्य पढ़ें

न्यूज प्रिन्ट,गदरपुर। एलर्जिक राइनाइटिस (सर्दी-जुकाम) जैसी तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या के उपचार में आयुर्वेदिक औषधि “इम्बो” को प्रभावकारी बताते हुए विशेषज्ञों ने इसे शोध आधारित और आधुनिक परीक्षणों से प्रमाणित औषधि बताया। ग्राम रतनपुरा स्थित पड़ाव मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी में देशभर से आए चिकित्सकों, वैज्ञानिकों एवं आयुर्वेद विशेषज्ञों ने भाग लिया। पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि “इम्बो” का निर्माण चार प्रमुख जड़ी-बूटियों, मंडूर भस्म सहित कुल 18 औषधीय घटकों से किया गया है।

उन्होंने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल और जानवरों पर किए गए परीक्षणों के बाद इस औषधि को लॉन्च किया गया है। परीक्षणों में यह पाया गया कि एलर्जिक राइनाइटिस के उपचार में यह दवा एलोपैथिक उपचार की तुलना में अधिक प्रभावकारी सिद्ध हुई है तथा इसके दुष्प्रभाव अत्यंत कम हैं। रोगियों को इसका प्रभाव कई मामलों में शुरुआती कुछ मिनटों में महसूस होने लगता है। वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि “इम्बो” को उत्तराखंड सरकार से मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस प्राप्त हो चुका है और वर्तमान में देशभर के लगभग 1500 आयुर्वेदिक चिकित्सक इसका उपयोग अपने रोगियों के उपचार में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह औषधि केवल एलर्जिक राइनाइटिस तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी सहायक साबित हो रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि “इम्बो” मूल रूप से चरक संहिता में वर्णित “पुनर्नवा मंडूर” योग पर आधारित है, जिसका उल्लेख लगभग 2500 वर्ष पूर्व किया गया था। इस पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक शोध, मानकीकरण और निर्माण प्रक्रिया के साथ विकसित कर “इम्बो” का स्वरूप दिया गया, जिसका अर्थ इम्यूनिटी बूस्टर है। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताया कि चूहों पर किए गए परीक्षणों में यह औषधि शरीर के लगभग 18 प्रमुख इम्यून मार्कर्स को प्रभावित करती पाई गई, जबकि केरल एवं कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुए नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल्स में भी इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 18 आयुर्वेदिक चिकित्सकों को “इम्बो ब्रांड एम्बेसडर” के रूप में सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि बिलासपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चित्रक मित्तल रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप फुटेला ने की। इस दौरान प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. सुनील गौतम, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रक बंसल, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राजीव कुरेले सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने आयुर्वेद में शोध, पारदर्शिता और चिकित्सकीय अनुभवों के साझा किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां आयुर्वेदिक चिकित्सा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

- Advertisement -spot_img

अधिक समाचार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताजा खबर