
भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री धीरेंद्र मिश्रा और ग्राम प्रधान आशीष यादव ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बताया मंदिर का पूरा इतिहास, ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार
बबल पाल न्यूज प्रिंट रुद्रपुर। ग्रामसभा किरतपुर में स्थित मां दुर्गा मंदिर में पिछले करीब 11 वर्षों से बंद पड़ी पूजा-अर्चना अब दोबारा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और जिला प्रशासन के प्रयासों के बाद मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू होने से ग्रामवासियों में खुशी का माहौल है। इस संबंध में भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा मंत्री धीरेंद्र मिश्रा और ग्राम प्रधान आशीष यादव ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर मंदिर के इतिहास, विवाद की पृष्ठभूमि और उसके समाधान की पूरी जानकारी दी।प्रेस वार्ता में धीरेंद्र मिश्रा और आशीष यादव ने बताया कि ग्रामसभा किरतपुर में गांव बसने से भी पहले गांव के मध्य स्थित दो पीपल के वृक्षों के नीचे बने भवन में मां दुर्गा विराजमान हैं।

राजस्व अभिलेखों में भी यह स्थान दुर्गा मंदिर के नाम से दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित है और यहां लंबे समय से धार्मिक परंपराओं का निर्वहन होता रहा है। करीब 25 वर्षों तक मंदिर में दुर्गा पूजा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होते रहे, लेकिन बाद में उत्पन्न हुए विवाद के चलते मंदिर में पूजा-अर्चना पर रोक जैसी स्थिति बन गई और माता की मूर्ति ताले में बंद रही।2013 में ग्रामीणों ने सहमति पत्र बनाकर मंदिर निर्माण का किया था समर्थनधीरेंद्र मिश्रा और आशीष यादव ने बताया कि 11 मार्च 2013 को समस्त ग्रामवासियों की ओर से एक सहमति पत्र तैयार किया गया था, जिस पर ग्रामीणों के हस्ताक्षर थे। इस सहमति पत्र में लंबे समय से चली आ रही पूजा-पद्धति को जारी रखने तथा मंदिर और टीनशेड के निर्माण पर सहमति व्यक्त की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय गांव में मंदिर को लेकर किसी तरह की आपत्ति नहीं थी और सभी लोग धार्मिक गतिविधियों को जारी रखने के पक्ष में थे।उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्राम प्रधान की ओर से प्रशासन के समक्ष यह मामला उठाया गया था कि पंचायत भवन में कुछ लोगों ने मूर्ति स्थापित कर दी है और इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने इस दावे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मंदिर में लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां संचालित होती रही थीं।

उनका आरोप है कि इस मामले को लेकर न्यायालय और जिला प्रशासन के समक्ष शिकायतें किए जाने के बाद मंदिर का विषय विवादित हो गया, जबकि ग्रामीण मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना जारी रखने की मांग कर रहे थे।11 वर्षों तक ताले में बंद रही माता की मूर्ति, पूजा-अर्चना से वंचित रहे श्रद्धालुप्रेस वार्ता में बताया गया कि मंदिर को लेकर विवाद सामने आने के बाद ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता की और पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई।

इसके बावजूद करीब 11 वर्षों तक माता की मूर्ति ताले में बंद रही। इस दौरान ग्रामीणों को नियमित रूप से पूजा, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।धीरेंद्र मिश्रा और आशीष यादव ने कहा कि मां दुर्गा के प्रति ग्रामवासियों की आस्था लगातार बनी रही। ग्रामीण लंबे समय से मंदिर का ताला खुलने और वहां धार्मिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनके अनुसार, यह मामला केवल मंदिर खोलने तक सीमित नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा से भी जुड़ा हुआ था।हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर 2026 को पूर्व ग्राम प्रधान की याचिका की निरस्तप्रेस वार्ता में बताया गया कि मंदिर में स्थापित मूर्ति को हटाने के संबंध में तत्कालीन ग्राम प्रधान की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, न्यायालय ने 5 अक्टूबर 2026 को उक्त प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष पूरे मामले को रखा और मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू कराने के लिए हस्तक्षेप की मांग की।मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान, जिला प्रशासन ने शुरू कराई पूजा-अर्चना मिश्रा और आशीष यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई कर मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई और नवरात्र के प्रथम दिन से मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हो गई।उन्होंने इस प्रक्रिया में रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी के प्रयासों की भी सराहना की। कहा कि उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए मंदिर को खोलने और धार्मिक गतिविधियां सुचारू कराने की दिशा में सार्थक प्रयास किए।सत्य की जीत बताते हुए ग्रामवासियों ने जताया आभारभाजपा प्रदेश किसान मोर्चा मंत्री नरेंद्र मिश्रा और ग्राम प्रधान आशीष यादव ने कहा कि ग्रामवासी पिछले करीब 11 वर्षों से मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू कराने के लिए प्रयासरत थे। अब मंदिर खुलने और पूजा-अर्चना शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने इसे ग्रामवासियों की आस्था और लंबे संघर्ष से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान निर्मला सिंह, वर्तमान ग्राम प्रधान आशीष यादव और इस मामले को समय-समय पर प्रमुखता से उठाने वाले इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मीडिया की ओर से इस विषय को लगातार उठाए जाने से मामले की ओर ध्यान आकर्षित हुआ और आज मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना सुचारू रूप से हो पा रही है।ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मंदिर में अब नियमित रूप से पूजा, आरती और धार्मिक आयोजन होते रहेंगे तथा क्षेत्र में सुख-शांति, सद्भाव और खुशहाली बनी रहेगी।





