
न्यूज प्रिंट खटीमा। गंगा स्नान पर्व के अवसर पर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर झांकियां पुल के पास घने जंगल में लगने वाले ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ आज विधिवत मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। पंडित शाकटा जी द्वारा पूजा संपन्न कर मेले की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अनुपस्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी तथा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रविंद्र मौर्या ने नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर एक सप्ताह तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन किया।
आजादी से पूर्व से लगने वाला यह मेला खटीमा विधानसभा के अंतिम छोर पर स्थित झांकियां ग्राम सभा में आयोजित होता है, जिसकी सीमा नेपाल बॉर्डर से लगी हुई है। गंगा स्नान के इस पावन पर्व पर हजारों श्रद्धालु शारदा नदी में स्नान कर पूजा-पाठ एवं दान-पुण्य का कार्य करते हैं।

मेला समिति के अध्यक्ष पूर्ण धामी ने बताया कि यह ऐतिहासिक मेला भारत की आज़ादी से पहले से ही लगता आ रहा है, जिसमें स्थानीय जनजाति समुदायों के साथ-साथ नेपाल के नागरिक भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। उद्घाटन अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, भाजपा के पूर्व नगर मंडल महामंत्री मनोज वाधवा, भाजपा चंपावत प्रभारी हिमांशु बिष्ट, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अमित पांडे, महामंत्री शुभम पटवा, गोपाल सिंह राणा, सभासद विजय कुमार, करण यादव, महेश जोशी, महेंद्र ठाकुर, आनंद अधिकारी तथा थाना अध्यक्ष देवेंद्र गौरव आदि उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इस मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन और वन विभाग द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जंगल क्षेत्र में लगने वाले इस मेले में सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।
मान्यता है कि गंगा स्नान पर्व पर शारदा नदी में स्नान करने और पूजा-अर्चना करने से वर्ष भर अन्न-धन की कमी नहीं रहती। मेले में आने वाले राणा जनजाति के लोग यहां धान बेचकर अपनी वर्षभर की आवश्यक खरीदारी करते हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले के अंतिम दो दिनों में नेपाल से आने वाली जनता की भारी भीड़ रहती है। भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिक इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगने वाले इस पौराणिक मेले का भरपूर आनंद उठाते हैं।


