पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर केंद्र सरकार गंभीर, कहा किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं, कालाबाजारियों से निपटने के लिए प्रशासन सख्त
न्यूज प्रिन्ट रुद्रपुर। अमेरिका इजरायल और ईरान के युद्ध को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का सिलसिला लगातार जारी है जिसको लेकर एलपीजी के उपभोक्ता संशय में आ गए हैं। जिसके चलते गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी हुई है और गैस सिलेंडर लेने के लिए मारामारी मची हुई है जबकि गैस सिलेंडर की किसी भी प्रकार की किल्लत नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक एजेंसी पर उपलब्ध है। ऐसे में सभी गैस उपभोक्ता इस बात का खास ख्याल रखें कि वह अफवाहों के बहकावे में ना आए क्योंकि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है और उन्होंने कह दिया है की आने वाले लगभग दो माह तक किसी भी प्रकार से गैस पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं होगी। पिछले लगभग 2 सप्ताह से अमेरिका इजरायल और ईरान का भीषण युद्ध चल रहा है जिसको लेकर ईरान ने अमेरिकन बेस को निशाना बनाते हुए कई खाड़ी देशों पर हमला कर दिया है । ईरान समेत सभी खाड़ी देश दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थ का निर्यात करते हैं। जिसको लेकर दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर संकट के बादल मंडराने के आसार बन गए हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है जबकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में किसी भी प्रकार के पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत नहीं है और भारत सरकार के पास लगभग दो माह से अधिक का स्टॉक पर्याप्त है ।ऐसे में कोई भी आम जनमानस अफवाहों पर ध्यान ना दे। केंद्र सरकार हर पल इस पर नजर बनाए हुए हैं और आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर गैस और पेट्रोल की किल्लत का हवाला देकर मैसेज कर रहे हैं जिससे आम जनता भ्रमित हो रही है और गैस एजेंसी पर कतार लगाए खड़ी हुई है। आम जनमानस को ध्यान रखना चाहिए कि प्रशासन भी इस पर नजर बनाए हुए हैं मंडलायुक्त दीपक रावत में बीते दिन ही कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार से गैस और पेट्रोल आदि की किल्लत नहीं होनी चाहिए और सभी अधिकारी इस पर ध्यान दें तथा कालाबाजारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जनता के बीच जाकर यह आश्वासन देना होगा कि वह किसी भी प्रकार से अफवाहों में ना आए और धीरज बनाए रखें। कुल मिलाकर अभी यह युद्ध कितना लंबा चलता है इस पर निर्भर है। लेकिन भारत सरकार पेट्रोलियम पदार्थ निर्यात करने वाले अन्य देशों से भी संपर्क में है इसकी संख्या 27 से बढ़कर लगभग 40 हो चुकी है।


