न्यूज प्रिन्ट,नैनीताल। प्रगतिशील भोजनमाता संगठन उत्तराखण्ड ने आज जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भोजनमाताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों के समाधान की मांग की। संगठन ने कहा कि विद्यालयों में कार्यरत भोजनमाताएँ वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ मध्यान्ह भोजन तैयार कर रही हैं, लेकिन उन्हें आज भी सेवा सुरक्षा और श्रम के अनुरूप अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि भोजनमाताओं से केवल भोजन निर्माण ही नहीं, बल्कि चपरासी, सफाई कर्मचारी, माली और चौकीदार जैसे अतिरिक्त कार्य भी कराए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए कोई अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाता। वहीं कई विद्यालयों में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा भोजन आपूर्ति के बाद भी भोजनमाताओं से अन्य कार्य लिए जाने की बात भी उठाई गई।
संगठन ने मांग की कि यदि भोजनमाताओं से अतिरिक्त कार्य कराया जाता है तो उसका अलग से भुगतान किया जाए, अथवा उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए। साथ ही चुनाव ड्यूटी और समर कैंप में कराए जाने वाले अतिरिक्त कार्यों का भुगतान निर्धारित सरकारी दरों के अनुसार सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बच्चों को केवल स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। यदि व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पाती है तो पूर्व की तरह भोजनमाताओं द्वारा ताज़ा भोजन तैयार कराने की व्यवस्था लागू की जाए।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय फूलबाग केंद्र की एक भोजनमाता का अक्टूबर से मार्च तक कार्य कराए जाने के बावजूद मानदेय, बोनस और वर्दी भुगतान न मिलने का मामला भी उठाया गया। संगठन ने इस रुके हुए भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगा।


