शिवम शर्मा, न्यूज प्रिन्ट, रुद्रपुर। वरिष्ठ पत्रकार भास्कर पोखरियाल पंचतत्व में विलीन हो गए। गुरुवार रात दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे लंबे समय से लीवर संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। भास्कर पोखरियाल ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में भी एक पिता के रूप में ऐसा निर्णय लिया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने अपने भाई से स्पष्ट कहा था कि यदि उनका निधन हो जाए, तो अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे के बाल न उतरवाए जाएं। उनका मानना था कि उनका बेटा रंगमंच से जुड़ा है और बाल हटवाने से उसके करियर पर असर पड़ सकता है।
पत्रकार के निधन पर सीएम ने जताया शोक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दैनिक भास्कर के ब्यूरो प्रभारी एवं वरिष्ठ पत्रकार भास्कर पोखरियाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पोखरियाल का सरल स्वभाव और पत्रकारिता के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

एक ओर परंपराओं का दबाव, तो दूसरी ओर बेटे का भविष्य, इस दुविधा में भी उन्होंने बेटे के सपनों को प्राथमिकता दी। अंतिम समय में लिया गया यह निर्णय उनके संवेदनशील और दूरदर्शी व्यक्तित्व को दर्शाता है। बताया जाता है कि उनके पुत्र यश एक गायक हैं और कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भास्कर पोखरियाल स्वयं भी अपने पेशे के प्रति समर्पित और जमीनी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने दैनिक भास्कर के अलावा अमर उजाला, दैनिक जागरण और न्यूज़ प्रिंट जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए रुद्रपुर में एक सशक्त पहचान बनाई। उनके निधन से न केवल पत्रकारिता जगत ने एक सजग और प्रतिबद्ध कलम खो दी है, बल्कि एक परिवार ने अपना आधार स्तंभ भी खो दिया है। वह अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। भास्कर पोखरियाल का जीवन और उनके अंतिम क्षणों में लिया गया निर्णय हमेशा लोगों के दिलों में एक संवेदनशील पिता की छवि के रूप में याद किया जाएगा।


