राइस मिलर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी गठित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो धान खरीद से दूरी की चेतावनी

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सत्यवान गर्ग बने प्रदेश अध्यक्ष, गगन गर्ग को महामंत्री की जिम्मेदारी; लंबित चावल के उठान और भुगतान को लेकर मिलर्स ने उठाई आवाज

बबलू पाल न्यूज प्रिंट रुद्रपुर। उत्तराखंड प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन शनिवार को रुद्रपुर स्थित होटल आर्क में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से किया गया। बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे राइस मिलर्स ने संगठन को मजबूत करने और धान खरीद सत्र 2026-27 से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की।सर्वसम्मति से सत्यवान गर्ग को प्रदेश अध्यक्ष, गगन गर्ग को महामंत्री, विकास छाबड़ा को कोषाध्यक्ष, जितेंद्र सिंगला एवं हनी अरोड़ा को उपाध्यक्ष तथा रजत अरोड़ा को मंत्री चुना गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित मिलर्स ने स्वागत करते हुए संगठन की समस्याओं को मजबूती से शासन-प्रशासन के समक्ष रखने की अपेक्षा जताई।बैठक में आगामी धान खरीद सत्र 2026-27 को लेकर मिलर्स की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। मिलर्स ने बताया कि वर्ष 2025-26 का करीब डेढ़ लाख टन चावल अभी भी मिलर्स के गोदामों में पड़ा हुआ है। वहीं, 15 सितंबर की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण गोदामों में जगह का संकट उत्पन्न हो गया है। मिलर्स का कहना है कि यदि लंबित चावल का समय से उठान नहीं किया गया तो आगामी धान खरीद के लिए पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध कराना मुश्किल होगा।प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान गर्ग ने कहा कि 15 सितंबर तक लंबित चावल का उठान कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय सीमा तक चावल का उठान नहीं हुआ और इसके बाद किसी मिलर के खिलाफ कार्रवाई या ब्लैकलिस्टिंग की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग की होगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में राइस मिलर्स धान खरीद सत्र 2026-27 में प्रतिभाग नहीं करेंगे।500 करोड़ के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाबैठक में मिलर्स ने पिछले वर्षों से लंबित करीब 500 करोड़ रुपये के भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मिलिंग चार्ज बढ़ाकर 80 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी गई। मिलर्स ने आगामी धान खरीद सत्र में प्रस्तावित भारी बैंक गारंटी का भी विरोध किया और कहा कि इससे पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे मिलर्स के सामने नई परेशानी खड़ी होगी।एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि मिलर्स किसानों से धान खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाना जरूरी है। यदि लंबित चावल का उठान, भुगतान, मिलिंग चार्ज और बैंक गारंटी सहित प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो इसका असर आगामी धान खरीद व्यवस्था पर पड़ सकता है।मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडलमांगों को लेकर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही देहरादून जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के समक्ष मिलर्स की समस्याएं रखते हुए लंबित चावल के उठान, भुगतान और आगामी धान खरीद सत्र से जुड़ी मांगों के समाधान की मांग करेगा।सत्यवान गर्ग ने कहा कि संगठन बातचीत और सकारात्मक समाधान में विश्वास रखता है, लेकिन यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मिलर्स आगामी धान खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे और खरीद प्रक्रिया में प्रतिभाग नहीं करेंगे।इनकी देखरेख में हुआ चुनावकार्यकारिणी का चुनाव चुनाव अधिकारी धर्मचंद खेड़ा, शिवकुमार मित्तल, कैलाश अग्रवाल एवं संजीव खन्ना की देखरेख में सर्वसम्मति से संपन्न हुआ।बैठक में पूर्व अध्यक्ष सचिन गोयल, अजय बंसल, पंकज बंगा, निकेश अग्रवाल, मंदीप सिंह, राजीव अग्रवाल, रोहतास अग्रवाल, ईश्वर बंसल, संजय गोयल, सुरेश अग्रवाल, हरप्रीत सिंह, सुरेश सिंघल, शरद यादव, राजेंद्र गुप्ता, गोविंद गोयल, हिमांशु अरोड़ा, अनिल नारंग, श्याम अग्रवाल, सुमित श्यामपुरिया एवं अमित जिंदल सहित बड़ी संख्या में राइस मिलर्स मौजूद रहे।

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